आडू और सेहत

सेहत के लिए आडू

Dr.R.B.Dhawan (Astrological Consultant) top best astrologer in delhi

आड़ू बहुत रसीला फल है, जो गर्मीयों में पैदा होता है, सेहत के लिए आड़ू बहुत लाभदायक है, इस फल के लाभ अनेक हैं‌, दुनिया के कई देशों में उगाया जाने वाला यह फल लाल से लेकर पीले रंग में उपलब्ध होता है। आड़ू की बाहरी परत बहुत चिकनी और रसदार होती है। (juicy) और ताजे सुगंध वाला यह पीला फल बाहर से देखने में बिल्कुल सेब जैसा दिखाई देता है, लेकिन अंदर के कठोर और बड़े बीज इसे सेब से अलग पहचान देते हैं। आड़ू का उपयोग जैम और जेली बनाने में भी किया जाता है। सेहत के लिए फायदेमंद होने के कारण आड़ू का उपयोग कई रोगों के इलाज में भी किया जाता है। आड़ू में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, आइये जानते है आड़ू के फायदे और आड़ू के नुकसान के बारें में।

आड़ू में पाए जाने वाले पोषक तत्व :-

आड़ू में बहुत ही अधिक मात्रा में पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो सेहत के लिए आवश्यक होते हैं। आड़ू विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन का बहुत ही बढ़िया स्रोत है। इसमें एस्कार्बिक एसिड पाया जाता है, और विटामिन ई, विटामिन के, विटामिन बी-1 बी-2, बी-3, बी-6 के अलावा यह फोलेट और पेंटोथेनिक एसिड से भरपूर होता है। इसमें कम कैलोरी होती है और कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है। इस कारण यह सेहत के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है।

पाचन के लिए आड़ू के फायदे : –

️आड़ू में फाइबर और क्षार (alkeline) की मात्रा बहुत होती है, जिसके कारण यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। आड़ू में मौजूद डाइटरी फाइबर पानी को अवशोषित करता है, और पेट की बीमारियों जैसे कब्ज, बवासीर, पेट के अल्सर और गैस की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह आंत से विषाक्त पदार्थों को निकालकर आंत को साफ रखता है, और पेट संबंधी बीमारियों से बचाता है।

मोटापा कम करने में :–

आड़ू में बायोएक्टिव कंपोनेंट पाया जाता है, और यह मोटापे की समस्या से लड़ने में बहुत लाभप्रद होता है। आड़ू में फिनोलिक कंपाउंड पाया जाता है जो सूजनरोधी होता है, और मोटापे की समस्या से लड़ने में मदद करता है, और मेटाबोलिक सिंड्रोम को दूर कर शरीर को गंभीर बीमारियों से बचाता है।आड़ू का उपयोग मोटापे की समस्या दूर किया जा सकता है।

इम्यूनिटी बढ़ाने में :–

आड़ू में एस्कॉर्बिक एसिड (vitamin c) और जिंक भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है, और शरीर की क्रिया को ठीक रखता है। जिंक और विटामिन सी घाव भरने में सहायक होता है, और संक्रमण से लड़ता है। इसके अतिरिक्त यह सर्दी, मलेरिया, निमोनिया और डायरिया जैसे रोगों को दूर करने में सहायक होता है। इन तत्वों की कमी होने पर शरीर की कई क्रियाओं में की प्रकार की गड़बड़ हो जाती हैं।

आड़ू खाने से कोलेस्ट्रॉल घटता है :–

आड़ू में मौजूद फिनोलिक कंपाउंड एलडीएल नामक खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, और अच्छे कोलेस्ट्रॉल एचडीएल को बढ़ाता है। इससे हृदय संबंधी बीमारियां विकसित नहीं होती हैं, और यह कार्डियोवैस्कुलर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

गर्भावस्था में आड़ू उपयोगी है :–आड़ू में अनेक आवश्यक खनिज तत्व और विटामिन होते हैं, गर्भावस्था में बहुत ही लाभदायक होते हैं। इसमें मौजूद विटामिन सी बच्चे के हड्डियों को शक्तिशाली बनाने, दांत, त्वचा, रक्त वाहिकाएं (blood vessels) और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आयरन का भी अवशोषण करता है, जो गर्भावस्था के दौरान बहुत जरूरी होता है। आड़ू में पाये जाने वाला पोटैशियम आमतौर पर गर्भावस्था में होने वाली थकान से बचाता है।

आड़ू के लाभ मधुमेह में :–

आड़ू में कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसे खाने से मधुमेह की समस्या नहीं होती है। एक मध्यम आकार के आड़ू में करीब 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसके अतिरिक्त आड़ू में और भी लाभदायक पोषक तत्व होते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।️आड़ू कैंसर से बचाता है :–

आड़ू में कैरोटीनॉयड और फिनोलिक कंपाउंड होता है, जो कैंसर रोधी (anti cancer) का काम करता है, और ब्रेस्ट कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, कोलोन कैंसर से हमें बचाता है। इसमें क्लोरोजेनिक और नियोक्लोरोजेनिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्रेस्ट कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को सामान्य बनाता है। इसके इन्हीं गुणों के कारण कैंसर रोगियों को आड़ू का सेवन करने के लिए कहा जाता है।

आड़ू त्वचा की देखभाल के लिए :–

पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मौजूद होने के कारण आड़ू त्वचा की देखभाल के लिए अच्छा माना जाता है। यह हानिकारक मुक्त कणों और संक्रमण से लड़ता है। यह यू वी किरणों से भी त्वचा को बचाता है। इसमें जियाजैंथीन और ल्यूटीन नामक एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो त्वचा की सूजन को दूर करने में लाभकारी होता है, आजकल आड़ू का उपयोग चेहरे की क्रीम बनाने में भी किया जाता है।

️आंखों की रोशनी के लिए आड़ू :-

आड़ू बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है। बीटा-कैरोटीन आंखों की रोशनी (eyes sight) को बेहतर बनाने में मदद करता है, और आंखों की बीमारियों जीरोफ्थैलमिया (xerophthalmia) और अंधेपन से बचाता है। इसलिए आंखों की बेहतर रोशनी के लिए आड़ू का सेवन लाभकारी होता है।

️आड़ू बुद्धिवर्धक भी है :-

परीक्षण में पाया गया है कि आड़ू सेंट्रल कोलिनर्जिक सिस्टम को प्रभावी बनाने में लाभप्रद होता है। कोलिनर्जिक सिस्टम दिमाग का न्यूरोट्रांसमीटर सिस्टम होता है, जो की यादाश्त से जुड़ा हुआ होता है। आड़ू में पाये जाने वाले यौगिक अल्जाइमर (Alzheimer ) जैसी दिमाग की बीमारियों को दूर करते हैं, और यादाश्त को दुरूस्त बनता है।

️आड़ू के कुछ नुकसान :–

वैसे तो फलों को कैंसर का रक्षक माना जाता है, लेकिन एक अध्ययन से पता चलता है, कि नारंगी या पीले फल पुरुषों में कोलोरेक्टर कैंसर (colorectal cancer) का कारण हो सकते हैं। इसलिए आड़ू के सेवन से पहले यह ध्यान रखें।

आड़ू छोटी आंत में शर्करा का किण्वन सही तरीके से नहीं कर पाता है, अधिक सेवन की वजह से गैस की समस्या हो जाती है, और सूजन भी हो सकती है।

आड़ू के सेवन से किसी किसी को एलर्जी हो सकती है क्योकि इसमें सैलिसिलेट्स (salicylates) होता है जो एलर्जिक रिएक्शन उत्पन्न कर सकता है।

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